दिल्ली विकास प्राधिकरण की नई आवास योजना 2016 की मिली मंजूरी – नियमो में हुए बदलाब

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जो लोग नई आवास योजना का इंतज़ार कर रहे है उनके लिए अच्छी खबर है. उपराज्यपाल नजीब जंग की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई डीडीए बोर्ड की बैठक में आवासीय योजना को मंजूरी दे दी गई। नयी आवास योजना के फ्लैट्स की संख्या 13148 है और 11544 फ्लैट्स वे है जिन्होंने 2014 में आवंटियों ने वापस कर दिए थे, जो 2014 में किसी कारणवश नहीं बिके। इस योजना में फ्लैट्स की कीमत 11.67 लाख से लेकर 1.40 करोड़ रूपये रखे है .

नई आवास योजना में एचआइजी, एमआइजी, एलआइजी, जनता फ्लैट और ईएचएस फ्लैट्स लिस्ट में शामिल है डीडीए अधिकारी ने बताया कि इस बार योजना में सफल होने वाले आवेदकों को पाच वर्ष तक मकान न बेच पाने की शर्त से छूट दी गई है। एक खबर ये भी है की इस बार योजना में आवेदन करने वालो को दो श्रेणियों में मकानों के लिए पंजीकरण राशि जमा करनी होगी। आवेदक ऑनलाइन के साथ ही डीडीए कार्यालय या अन्य बताए गए स्थानों पर जाकर भी आवेदन जमा कर सकेंगे। ड्रॉ के माध्यम से फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। असफल आवेदकों या ड्रॉ से पहले आवेदन वापस लेने वालों को पंजीकरण राशि केवल इलेक्ट्रॉनिक विधि के जरिये आवेदक के खाते में राशि को वापस जमा कराया जाएगा।

डीडीए बोर्ड के सदस्य विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह योजना पिछली योजनाओं से बेहतर साबित होगी। नियमों में सुधार से घर लेने वालों को राहत मिलेगी। बाजार के हिसाब से कीमत भी अपेक्षाकृत लोगों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगी।

इन स्थानों पर हैं फ्लैट:-

सरिता विहार, जसोला, द्वारका, पीतमपुरा, सुखदेव विहार, नरेला, रोहिणी, जहागीरपुरी, दिलशाद गार्डन, लोकनायकपुरम, पश्चिम विहार, बिंदापुर, मुखर्जी नगर।

फ्लैटों की श्रेणी-संख्या-आकार (वर्ग मीटर)-अनुमानित लागत (लाख रुपये में)

एचआईजी-79-77.57 से 142.46-41.62 से 140.24

एमआइजी-398-64.04 से 109.88-30.23 से 70.07

एलआइजी/ एक कमरे वाले फ्लैट-11671-28.34 से 52.63-14.95 से 28.54

जनता-437-18.85 से 30.45-6.66 से 15.15

ईएचएस(विस्तार किया जा सकता है)-563-24.19 से 77.57- 11.67 से 77.57

नियम में बदलाव :-

-आवासीय योजना 2014 में आवेदक फ्लैट के स्थान के लिए आवेदन में सिर्फ तीन विकल्प भर सकते थे, लेकिन इस बार सात विकल्प भर सकेंगे।

-जनता, एलआइजी, एक कमरे वाले फ्लैट तथा ईएचएस फ्लैट के लिए एक लाख रुपये तथा एमआइजी व एचआइजी के लिए दो लाख रुपये पंजीकरण शुल्क रखा गया है। पिछली योजना में सभी श्रेणी के फ्लैटों के लिए पंजीकरण शुल्क एक लाख रुपये था।

-यदि आवेदक ड्रॉ से पहले अपना आवेदन वापस लेता है तो उसे पंजीकरण शुल्क की पूरी राशि बिना ब्याज के वापस कर दी जाएगी, लेकिन आवंटन के बाद कोई आवेदक फ्लैट वापस करेगा तो पंजीकरण शुल्क की राशि जब्त कर ली जाएगी। डीडीए का कहना है कि यह शर्त असली खरीदारों को आकर्षित करने के लिए लगाई गई है।

-पांच वर्ष तक फ्लैट किसी और को नहीं बेचने का प्रतिबंध हटा दिया गया है। पिछली योजना में यह प्रतिबंध लगाया गया था। डीडीए अधिकारियों का मानना है कि इस प्रतिबंध की वजह से अधिकांश आवंटियों ने फ्लैट वापस कर दिए थे। इसलिए इस बार इस तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

 

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