भूलेख नक्शा उत्तर प्रदेश 2018-2019 खेत का नक्शा यूपी जमीन की नकल निकाले

Government Scheme हाउसिंग स्कीम हिंदी में

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानो के लिए बहुत बड़ा काम किया है भूलेख और जमीन के रिकॉर्ड लोगो तक पहुंचाने में सफल रही जैसे जमीन के रजिस्टर, भूलेख नक्शा उत्तर प्रदेश, भूलेख नक्शा यूपी, खेत का नक्शा, अधिकारों का रिकॉर्ड (आरओआर), किरायेदारी और फसल निरीक्षण रजिस्टर, भूलेख नक्शा, खसरा खतोनी नक़ल , उत्परिवर्तन रजिस्टर, विवादित मामलों के रजिस्टर आदि के बारे में बहुत सारी जानकारी है। भूवैज्ञानिक जानकारी जैसे कि भूमि आकार, आकार , मिट्टी के प्रकार; सिंचाई और संबंधित फसलों में भी शामिल है।

सरकार ने एक पोर्टल (upbhulekh.gov.in) बना कर सभी जानकारी वहा डाल दी है अब उत्तर प्रदेश का किसान भाई घर पर ही पूरी जानकारी इकट्ठी कर सकता है ऑनलाइन उनकी जमीन के खाते देख सकते हैं।

upbhulekh.gov.in का उपयोग कैसे करैं :

भूलेख नक्शा उत्तर प्रदेश ऑनलाइन शिकायत उत्तर प्रदेश के बारे में पूरी जानकारी

इस वेबसाइट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसी भी तहसील, जिला ( आगरा, फ़िरोज़ाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ , हाथरस, कासगंज, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, आदि जिला के अंदर जितने गांव, क़स्बा है| सभी भूमि का विवरण निकाल सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित अनुदेशों का पालन करना होगा। अगर आपको अपने भूमि की खतौनी के बारे में जानना है तो आपके पास गाटा संख्या या खसरा संखिया या भूमि मालिक का नाम अवश्य पता होना चाहिए। तो चलिए देखते हैं, किस प्रकार upbhulekh.gov.in से खतौनी पता किया जाता है।

भूलेख नक्शा उत्तर प्रदेश

सबसे पहले, आपको अपने कंप्यूटर में क्रोम ब्राउज़र (upbhulekh.gov.i) में ये वेबसाइट खोले http://upbhulekh.gov.in/
जब वेबसाइट पूरी तरह खुल जाये तो सामने देखे (राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश भूलेख) लिखा होगा
फिर उसके बाद, आपको खतौनी की नक़ल निकालनी है या खतौनी का अधिकार देखना है|
उसपे क्लिक करे क्लिक करने के बाद Enter Captcha Code: आएगा उसको भरे | uske बाद आपके सामने एक पेज ओपन होगा जहा आपको अपनी जानकारी देनी होगी जैसे अपना जनपद चुने, तहसील चुने, ग्राम चुने, ग्राम का पहला अक्षर चुनें |
उसके बाद नया पेज ओपन होगा जहा आपको
खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें
खाता संख्या द्वारा खोजें
खातेदार के नाम द्वारा खोजें
भरना होगा आप उदारण भी देख सकते है और आप का काम हो जायेगा

भूलेख नक्शा

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